माँ !!!!!
ये क्या?
तुम मुझे बार-बार
सड़क के किनारे से
पकड़ कर
बिच सड़क पर क्युँ
ला रही हो?
तुम ही ने .तो बताया था
पैदल सड़क के बाँए
ओर चलना चाहिऐ!
फिर…….!
हां सही कहा था
मगर बेटी
लालूजी ने वादा किया था
सड़के हेमा मलाली कि
गाल कि तरह बनाएगे
लेकिन….
हम जैसो को चलते-चलते
सड़क के बाये और
उसके गाल जैसा हो गया
जहा पर मोटर वाहन चलना
पसंद करती है
हम जैसो को बिच सड़क पर जो
ओमपुरी कि गाल कि तरह हैं
चलना चाहिऐ
ये सुरक्षित हैं समझी………बेटी ।
"Azad Sikander"
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