मिल कर बिछड़्ना तो है ही,
याद तो आयेगे ही साथ बिताये लम्हे,
वो संग खिल्खिलाना,
नाक-झोंख, मिल कर रोना,
एक दूसरो को मानना,
जा रहा हुँ आज,
मिलने के लिए,
करेगा इंतजार वो मोड़,
जिसमे हम मिलेंगे
उमीद का दामन थामे रहना,
लेगा समय परीक्षा,
न डिगना,
बस रखना याद तुम,
हम मिलेंगे……हम फिर मिलेंगे।
"Azad Sikander"
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