Monday, November 30, 2009

काश कभी ये हो जाये

काश कभी ये हो जाये

काश कभी ये हो जाये,
मेरी धड़कने दूर बैठे,
परदेश मे भी वैसे सुनाई दे,
जैसे मेरे बगल में बैठा हो,

काश कभी ये हो जाये कि,
तेरी खुशी मेरे अरमानों के साथ जुड़ जाये,
जैसे शरीर से आत्मा जुड़ां है.

काश कभी ये हो जाये ,
तेरी याद आये, और तू,
नजर आ जाये,
जैसे सामने खड़ा हो,

काश कभी ये हो जाये,
मेरे आँखो से आँसू निकले,
और तू हाथ रखा हो,
कि जमी पर ना गिर जाये,


लेकिन ये ना होना है,
दिल तो मेरा है उसे,
हर हाल मे तुझको खोना है,

आखीर तू जो ठहरा
रमता जोगी बहता पानी ,
आज याहाँ कल वहाँ ,
परसों जाने कहाँ?
फिर भी काश ये हो जाये. 

By: Swanjali

2 comments:

अनिल कान्त : said...

दिल का हाल अच्छा कह लेते हैं आप

RAJNISH PARIHAR said...

nice one...