Sikander Kushwaha
Sunday, November 4, 2007
किताब के हर .........
किताब के हर ,
पन्ने पर हर अछर,
नैनो को तेरे
नाम सी लग रही,
मन को हर चीज
तेरी तस्वीर सी लग रही
जाने अनजाने यह क्रम
बार- बार दोहरा रहा,
लगता हैं जैसे
अपने आप को खो कर
तुम्हे पाने कि राह हैं !!!!!!
"Azad Sikander"
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